तुर्बत-ए-'मीर' पर हैं अहल-ए-सुख़न
हर तरफ़ हर्फ़ है हिकायत है
“On Mir's turmoil, the people of poetry are gathered, Everywhere there is a letter, and there is a tale.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मीर की कब्र पर साहित्य के लोग एकत्रित हैं; हर जगह कोई अक्षर है और कोई कहानी है।
विस्तार
यह शेर किसी महान शायर की अमर विरासत का ज़िक्र करता है। शायर कह रहे हैं कि 'अहल-ए-सुख़न' (साहित्य और शायरी के लोग) मिर्ज़ा के मक़बरे पर इकट्ठा होते हैं। इसका मतलब है कि मिर्ज़ा का प्रभाव कितना गहरा है। दूसरी लाइन बताती है कि हर तरफ़, हर एक हर्फ़ में एक कहानी छिपी है। यह शायरी की उस गहराई का प्रमाण है जो समय के साथ फीकी नहीं पड़ती।
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