एक बोसा माँगते लड़ने लगे
इतने ही में आश्नाई हो चुकी
“As soon as they started demanding a single piece of cloth (bosa) to fight, they had already found comfort in just this much.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
एक बोसा माँगते ही लड़ने लगे, और इतने में ही उन्हें आश्नाई हो चुकी।
विस्तार
यह शेर प्रेम की उस उलझन को बयान करता है, जब प्यार की निशानी ही झगड़े का रूप ले लेती है। शायर कहते हैं कि जब कोई महबूब बस एक चुम्बन की माँग करता है, तो यह माँगना ही एक जंग बन जाती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि दोनों के बीच का अपनापन (आश्नाई) पहले ही इतना गहरा हो चुका होता है कि उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल होता है।
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