मजनूँ को अबस दावा-ए-वहशत है मुझी से
जिस दिन कि जुनूँ मुझ को हुआ था वो कहाँ था
“The claim of wild passion you make of me, When my passion began, where was it found?”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मजनूँ से तुम अब किस तरह की वेश्यावृत्ति का दावा करती हो? जब मुझ पर जुनून शुरू हुआ था, तब वह कहाँ थी।
विस्तार
यह शेर एक बहुत गहरा दावा है, एक ऐसे इश्क़ की बात जो सिर्फ़ जुदाई का दर्द नहीं है। शायर कहते हैं कि मजनूँ को मुझ पर वफ़ादारी या जुदाई का कोई अधिकार नहीं है.... क्योंकि जिस दिन यह जुनून मुझ पर चढ़ा, उस समय की बात ही कुछ और थी! वो एक ऐसी आग थी, जो किसी के इल्ज़ाम से कहीं ज़्यादा बड़ी थी।
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