ग़ाफ़िल थे हम अहवाल-ए-दिल-ए-ख़स्ता से अपने
वो गंज उसी कुंज-ए-ख़राबी में निहाँ था
“We were unaware of the condition of our distressed heart; that treasure was hidden in that ruined grove.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
हम अपने टूटे हुए दिल की हालत से अनजान थे; वह खजाना उसी टूटी-फूटी जगह में छिपा था।
विस्तार
यह शेर बहुत गहरा है। शायर कह रहे हैं कि हम अपने दिल की नाज़ुक हालत से बेख़बर थे। हमें नहीं पता था कि हमारे अंदर, उस 'ख़राबी' के कोने में... एक खज़ाना छिपा हुआ था। इसका मतलब है कि हमारी ज़िंदगी में जो चीज़ें हमें सबसे ज़्यादा महत्वहीन लगती हैं, शायद वही हमारी सबसे बड़ी दौलत होती हैं। हमें बस अंदर झाँकना होता है।
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