Sukhan AI
નિરાંતે જેમાં તો, ખુશિથકિ રહે જોગિ જપમાં. ૧૩
દિપે છાયી જાડાં, હરિત કુમળાં પત્ર ઠુમસાં,

Wherein the yogi dwells at ease, with joy in sacred chant, 'Midst thickly clustered, tender, green leaves, casting light and shade.

नर्मद
अर्थ

इसमें योगी शांतिपूर्वक और प्रसन्नता से जप में लीन रहता है, जहाँ घने, कोमल, हरे पत्ते चमकते और छाया प्रदान करते हैं।

विस्तार

यह दोहा एक शांत और मनमोहक स्थान का सुंदर चित्रण करता है। इसमें उस जगह का वर्णन है जहाँ एक एक योगी ध्यान में लीन होकर गहरी शांति और आनंद का अनुभव करता है। यह शांत परिवेश अपनी हरी-भरी प्रकृति से और भी खास बन जाता है। कल्पना कीजिए घने, हरे-भरे और कोमल पत्तों को जो सुकूनदायक छाया प्रदान करते हैं। यह पूरा दृश्य प्राकृतिक सुंदरता से जगमगा रहा है, जो इसे आध्यात्मिक साधना के लिए एक आदर्श आश्रय बनाता है। यह प्रकृति और आंतरिक शांति के बीच सामंजस्य पर जोर देता है, दर्शाता है कि एक शांत वातावरण मन को उसकी आध्यात्मिक यात्रा में कैसे सहायता करता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.