Sukhan AI
আলো হাতে চলিয়াছে আঁধারের যাত্রী,
আমি শুধু তার পথ চেয়ে থাকি॥

আলো হাতে চলিয়াছে আঁধারের যাত্রী, আমি শুধু তার পথ চেয়ে থাকি॥

रवींद्रनाथ टैगोर
अर्थ

अंधेरे का एक यात्री हाथ में रोशनी लिए चल रहा है, और मैं बस उसके मार्ग की प्रतीक्षा करता हूँ।

विस्तार

यह सुंदर दोहा आशा और इंतज़ार की एक vivid तस्वीर पेश करता है। इसमें एक ऐसे यात्री का वर्णन है जो अंधेरे में साहस के साथ आगे बढ़ रहा है, लेकिन उसके हाथ में एक दिया है, जो रोशनी, ज्ञान या मार्गदर्शन का प्रतीक है। अंधेरे का यह यात्री अपनी यात्रा में अकेला नहीं है क्योंकि उसके पास भीतर या बाहर से प्रकाश का स्रोत है। दूसरी ओर, कवि पीछे रह गया है, बस उस प्रकाशित यात्री के रास्ते का इंतज़ार कर रहा है। इसमें गहरी प्रतीक्षा और शायद दूसरे द्वारा लाई गई रोशनी पर एक शांत निर्भरता का भाव है। यह मानवीय अनुभव को खूबसूरती से दर्शाता है, जहाँ हम दिशा, सांत्वना या उज्जवल भविष्य की आशा के लिए किसी और की ओर देखते हैं।

ऑडियो

पाठIn app
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.