બાવનનો સઘળો વિસ્તાર
અખા ત્રેપનમો જાણે પાર.
“The whole domain of fifty-two, Akha knows the fifty-third to be true.”
— अखा भगत
अर्थ
बावन का पूरा विस्तार है, और अखा त्रेपनवें को उससे परे जानता है।
विस्तार
संत-कवि अखा का यह दोहा हमें सच्ची ज्ञान की गहराई बताता है। "बावन का सारा विस्तार" संसारिक ज्ञान, शास्त्रों, या वर्णमाला के बावन अक्षरों को दर्शाता है, जिनसे सभी शब्द बनते हैं। अखा कहते हैं, "त्रेपनमो पार जानता है।" यह "त्रेपनमो" संख्या में अगला अंक नहीं, बल्कि परम, पारलौकिक सत्य का प्रतीक है। यह वह आध्यात्मिक अंतर्दृष्टि है जो सभी सैद्धांतिक या अकादमिक शिक्षा से परे है। यह अस्तित्व के सार को समझने वाली गहरी अनुभूति है, जो सामान्य ज्ञान की सीमाओं से आगे जाती है। अखा हमें इस गहरे, सहज ज्ञान को खोजने के लिए प्रेरित करते हैं।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
