रहनुमाओं के हुए जाते हैं औसान ख़ता राह में कुछ नज़र आती है ख़तर की सूरत

“Even the guides are losing all their wits and nerve; some shape of peril seems to loom upon the path.”

— अल्ताफ़ हुसैन हाली
अर्थ

राह दिखाने वालों के होश उड़े जा रहे हैं, क्योंकि रास्ते में किसी ख़तरे की सूरत नज़र आ रही है।

विस्तार

सोचिए एक ऐसा सफ़र जहाँ राह दिखाने वाले अनुभवी रहनुमा ही घबरा जाएँ और उनके होश उड़ने लगें। शायर इस शेर में किसी बड़े सामाजिक या दौर-ए-वक़्त के संकट की ओर इशारा कर रहा है, जहाँ आगे आने वाला ख़तरा इतना अनजाना और बड़ा है कि अगुवा भी बेबस नज़र आ रहे हैं। जब रक्षक और मार्गदर्शक ही ख़ौफ़ज़दा हो जाएँ, तो रास्ते की मुश्किल और भी डरावनी महसूस होने लगती है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठUnavailable
हिंदी अर्थUnavailable
अंग्रेज़ी अर्थUnavailable
हिंदी विस्तारUnavailable
अंग्रेज़ी विस्तारUnavailable
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.