“The heart is already aware of it all, O counselor; what is left to explain to one who already understands?”
हे उपदेशक, मेरे दिल को पहले से ही हर बात की ख़बर है; जो खुद पहले से सब कुछ समझता है, उसे अब और क्या समझाया जाए?
इस शेर में आशिक़ नसीहत देने वाले नासेह से एक मीठी और लाचार मुस्कान के साथ कहता है कि उसका दिल नादान नहीं है, वह इश्क़ के हर अंजाम और दर्द से अच्छी तरह वाक़िफ़ है। यहाँ मोहब्बत कोई भूल या अज्ञानता नहीं, बल्कि सब कुछ जानते हुए भी उठाया गया एक क़दम है। जब दिल पहले ही अपनी हक़ीक़त समझ चुका है, तो फिर उसे दुनियावी समझदारी और अक़्ल का पाठ पढ़ाने का भला क्या हासिल?
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
