यह हयाती की हवेली है घड़ी के दो घड़ी,डगमगाते हैं हस्ती के पाए, मुझे मालूम है।
“This mansion of life is for a moment or two,The foundations of existence waver, I know.”
— अमृत घायल
अर्थ
यह जीवन की हवेली एक या दो पल के लिए है। मुझे पता है कि अस्तित्व की नींव डगमगा रही है।
विस्तार
यह शेर, अम्रुत घायल जी का, ज़िंदगी की नश्वरता पर एक बहुत गहरा विचार है। शायर कहते हैं कि यह हयाती की हवेली, यह जीवन, बस दो पल की बात है। हमारे अस्तित्व के पाये भी डगमगा रहे हैं। यह एक कड़वा सच है, जो हमें याद दिलाता है कि दुनिया में कोई भी चीज़ स्थायी नहीं है। हमें हर पल को पूरी जागरूकता के साथ जीना चाहिए।
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