Ganga gayaan, gal mukdee naheen
Pawain sow sow gotay khaeeay
“The knowledge of the Ganga is not something that can be easily discarded; it is something that is constantly being nurtured.”
— बुल्ले शाह
अर्थ
गंगा ज्ञान, बात मुकदी नहीं। पवन सो सो गोतय खाए।
विस्तार
Bulleh Shah ने यहाँ प्रकृति की शक्ति और जीवन के प्रवाह का वर्णन किया है। गंगा का बहाव जीवन की उस अटूट धारा को दर्शाता है जो कभी रुकती नहीं। जब हवा (पवन) चलती है, तो वह छोटी चीज़ों को भी मिटा देती है। यह शेर हमें याद दिलाता है कि जीवन का प्रवाह कितना विशाल और अटल होता है। हमें इस शाश्वत नियम को स्वीकार करना सीखना चाहिए।
