Sukhan AI
ચંપા ચંબેલી ગુલાબના ગજરા, હાર પહેરાવું હુલાસી;
વદન જોઉં નેણ વિકાસી, ઘેર આવો વસંત વિલાસી.

With garlands of Champa, Chambeli, and roses, I'll adorn you with joy;I'll gaze upon your face with loving eyes, come home, my playful Spring.

दलपतराम
अर्थ

मैं तुम्हें चंपा, चमेली और गुलाब के गजरे खुशी से पहनाऊंगा। प्रेम भरी नज़रों से तुम्हारा मुख देखूंगा, घर आओ, हे मेरे वसंत विलासी।

विस्तार

यह प्यारा दोहा उत्सुकता और प्रेम की एक सुंदर तस्वीर प्रस्तुत करता है। वक्ता चंपा, चमेली और गुलाब के गजरे बड़े प्रेम से तैयार करता है, अपने प्रिय को इन सुगंधित फूलों से सजाने में अपनी खुशी व्यक्त करता है। आँखों में लालसा और स्नेह भरकर, वे अपने प्रिय के चेहरे को निहारते हैं, उनसे घर आने का आग्रह करते हैं। प्रिय को कोमलता से "वसंत विलासी" या "मनमोहक वसंत" कहकर पुकारा गया है, जो उनकी जीवंत उपस्थिति और उनके द्वारा लाई गई खुशी का प्रतीक है, जिससे घर एक आनंदमय वसंत उत्सव जैसा महसूस होता है। यह एक हार्दिक निमंत्रण है जो गर्मजोशी और भक्ति से भरा है।

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पाठ
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