“Many forms of beasts, birds, and beings she has assumed,Of static and moving kinds; the dancer is dancing.Some small children, and even the greatly renowned,All are present; the dancer is dancing.”
नटड़ी ने पशु-पक्षियों और सभी प्रकार के स्थिर तथा गतिशील जीवों के अनगिनत रूप धारण किए हैं। छोटे बच्चे और प्रसिद्ध हस्तियाँ भी वहाँ उपस्थित हैं, सभी उस नटड़ी का नृत्य देख रहे हैं।
यह दोहा संसार को एक विशाल रंगमंच के रूप में बहुत सुंदर ढंग से दर्शाता है, जहाँ एक दिव्य 'नटड़ी' या ब्रह्मांडीय शक्ति निरंतर अपना खेल दिखा रही है। इसका अर्थ है कि सभी प्रकार के जीव - जैसे पशु, पक्षी, अन्य प्राणी, स्थिर और गतिशील वस्तुएँ, यहाँ तक कि छोटे बच्चे और प्रसिद्ध वयस्क भी - इस भव्य नृत्य का एक अभिन्न अंग हैं। 'नटड़ी' इस पूरे नाटक का मंचन कर रही है, हमें याद दिलाती है कि ब्रह्मांड में हर प्राणी और हर घटना इस निरंतर, मनमोहक और अक्सर मायावी दिव्य लीला का एक हिस्सा है। यह इस सार्वभौमिक शक्ति की व्यापक और सर्वव्यापी प्रकृति को बताता है।
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
