Sukhan AI
વે’વાઈ કનકોરાણો દેશોદેશે ફરી વળ્યા રે;
જોયાં ભૂપતિનાં ભૂવન ભૂવન રે, બીજે ક્યાંઈ...

Kankorano, the father-in-law, roamed through every land;He saw the palaces of kings, but nowhere else at hand...

दलपतराम
अर्थ

ससुर कनकोराणा देशों-देशों में घूम आए। उन्होंने राजाओं के महल देखे, पर उन्हें कहीं और कुछ भी ऐसा नहीं मिला।

विस्तार

ये पंक्तियाँ वे’वाइ कनकोराणा की व्यापक यात्राओं का वर्णन करती हैं। उन्होंने कई देशों की यात्रा की और विभिन्न राजाओं के भव्य महलों को देखा। यह एक गहन खोज को दर्शाता है, जिसमें यह सुझाव दिया गया है कि उन्होंने जितनी भी शानो-शौकत देखी, उसके बावजूद भी वे शायद कुछ ऐसा खास ढूंढ रहे थे जो कहीं और नहीं मिला, या उन्हें यह एहसास हुआ कि एक निश्चित अद्वितीय गुण या भावना केवल एक ही विशेष स्थान पर मिल सकती है। यह एक ऐसी खोज को खूबसूरती से उजागर करता है जो शाही वैभव के बीच भी, किसी खास घर या भावना के अतुलनीय मूल्य की ओर इशारा कर सकती है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.