हस्ती के मत फ़रेब में आ जाइयो 'असद'
आलम तमाम हल्क़ा-ए-दाम-ए-ख़याल है
“Asad, into existence's deceit, don't ever fall,The entire world's a snare, imagination's thrall.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
हे 'असद', इस दुनियावी हस्ती (अस्तित्व) के धोखे में मत पड़ना। यह सारा संसार तो केवल कल्पना के जाल का एक घेरा मात्र है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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