पहलू-तही न कर ग़म-ओ-अंदोह से 'असद'
दिल वक़्फ़-ए-दर्द कर कि फ़क़ीरों का माल है
“O Asad, do not turn away from sorrow and deep despair;Dedicate your heart to pain, for it's the mendicant's sole treasure there.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
ऐ असद, दुःख और गहरे निराशा से दूर मत हो। अपने दिल को दर्द के लिए समर्पित कर दो, क्योंकि यह फ़कीरों का धन है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
← Prev8 / 8
