वाँ सियाही मर्दुमुक है और याँ दाग़-ए-शराब
मह हरीफ़-ए-नाज़िश-ए-हम-चश्मी-ए-साग़र नहीं
“There, the pupil's blackness; here, the stain of wine.The moon's no rival to the goblet's challenging design.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
एक ओर आँख की पुतली की स्याही है और दूसरी ओर शराब के दाग़ वाला प्याला। चाँद, प्याले की आँख जैसी समानता के गर्व का मुक़ाबला नहीं कर सकता।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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