दिल को इज़्हार-ए-सुख़न अंदाज़-ए-फ़तह-उल-बाब है
याँ सरीर-ए-ख़ामा ग़ैर-अज़-इस्तिकाक-ए-दर नहीं
“For the heart, the expression of words is like a door thrown open wide, Here, the pen's mere scratching is naught but the door's own creak inside.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
दिल के लिए शब्दों का व्यक्त करना एक खुला दरवाज़ा खोलने जैसा है। यहाँ, कलम की सरसराहट उस दरवाज़े के खुलने की आवाज़ के अलावा कुछ नहीं है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
