पेशे में ऐब नहीं रखिए न फ़रहाद को नाम
हम ही आशुफ़्ता-सरों में वो जवाँ-मीर भी था
“Do not find fault in the profession, nor bring infamy to Farhad's name; Among us, the distraught-headed, even that young Mir (Taqi Mir) was counted.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
पेशे में दोष न निकालें और न ही फ़रहाद के नाम को बदनाम करें; हम जैसे ही आशिक़ाना मिज़ाज वालों में वह नौजवान मीर भी शामिल था।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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