हम थे मरने को खड़े पास न आया न सही
आख़िर उस शोख़ के तरकश में कोई तीर भी था
“We stood ready to die; if he didn't come close, so be it. After all, did that mischievous one even have an arrow in his quiver?”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
हम मरने के लिए तैयार खड़े थे, यदि वह पास नहीं आया तो कोई बात नहीं। आख़िर उस शोख़ के तरकश में कोई तीर था भी क्या?
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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