अदम है ख़ैर-ख़्वाह-ए-जल्वा को ज़िंदान-ए-बेताबी
ख़िराम-ए-नाज़ बर्क़-ए-ख़िरमन-ए-सई-ए-सिपंद आया
“Oblivion is benevolent to beauty's grace, a prison for the restless heart.Her proud gait came as lightning to erase sipand's efforts, tearing them apart.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
अनुपस्थिति या लोप, सौंदर्य की अभिव्यक्ति का शुभचिंतक है, परंतु बेचैनी के लिए एक कारागार। उसके गर्व से भरी चाल ऐसे आई जैसे बिजली सिपांद के प्रयासों के ढेर पर गिरी हो, उन्हें नष्ट कर गई।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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