काव काव-ए-सख़्त-जानी हाए-तन्हाई न पूछ
सुब्ह करना शाम का लाना है जू-ए-शीर का
“Ask not of the arduous struggle of life's endurance in lonely solitude,To turn evening into morning is like bringing a stream of milk.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
अकेलेपन में जीवन की कठिन सहने की पीड़ा न पूछो। शाम को सुबह करना, यानी रात बिताना, दूध की नदी लाने जितना मुश्किल है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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