यक क़दम वहशत से दर्स-ए-दफ़्तर-ए-इम्काँ खुला
जादा अजज़ा-ए-दो-आलम दश्त का शीराज़ा था
“With one mad step, the book of possibilities lay clear,The path, the scattered essence of two worlds, the desert's binding thread.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
एक कदम की वहशत से संभावनाओं की किताब का पाठ खुल गया। यह रास्ता दोनों जहानों के बिखरे हुए तत्वों से बना था, जो रेगिस्तान का ताना-बाना था।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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