Sukhan AI
बे-दिमाग़ तपिश-ए-रश्क हूँ ऐ जल्वा-ए-हुस्न
तिश्ना-ख़ून-ए-दिल-ओ-दीदा है पैमाँ मेरा

Distraught by the torment of envy am I, O splendor of beauty!My covenant is thirsty for the blood of heart and eyes.

मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

ऐ हुस्न की चमक, मैं ईर्ष्या की तपिश से बेहाल हूँ। मेरा वादा दिल और आँखों के लहू का प्यासा है।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

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पाठ
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