बे-हुज़ूरी है तेरी मौत का राज़
ज़िंदा हो तू तो बे-हुज़ूर नहीं
“The secret of your death is without presence, If you are alive, then there is no absence.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
तुम्हारी मौत का रहस्य तेरी गैर-मौजूदगी में है; अगर तू ज़िंदा है, तो गैर-मौजूदगी नहीं है।
विस्तार
यह शेर न सिर्फ़ दूरी की बात करता है, बल्कि वजूद की हक़ीक़त को छूता है। शायर कहते हैं कि 'बे-हुज़ूरी' (गैर-मौजूदगी) का राज़ तो मौत में छिपा है। अगर कोई ज़िंदा है, तो वह कहीं भी 'बे-हुज़ूर' नहीं हो सकता। यह हमें सोचने पर मजबूर करता है कि असल में अनुपस्थिति क्या होती है—क्या यह सिर्फ़ दूरी है, या कुछ और... यह वजूद और ग़ायब होने के फ़लसफ़े पर एक गहरा तफ़क्कुर है।
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