जब पतंगा लौ के चारों ओर घूम रहा था, तो उसने ये कहा
वो पुरानी तपिश अब न तेरी जलन की कहानी में है, न मेरे पिघलने की दास्तान में
“When the moth was circling the flame, it said, 'That old fervor is neither in your tale of burning nor in my story of melting.'”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
जब पतंगा लौ के चारों ओर घूम रहा था, तो उसने ये कहा कि वह पुरानी तपिश न तो तुम्हारी जलन की कहानी में है और न ही मेरी पिघलने की दास्तान में।
विस्तार
यह शेर एक बहुत गहरे अहसास को बयां करता है। पतंगा और लौ का रिश्ता तो हम सब जानते हैं, जो एक जुनूनी प्रेम की निशानी है। लेकिन यहाँ शायर कहते हैं कि वो पुरानी, आग जैसी तपिश अब किसी की कहानी का हिस्सा नहीं रही। इसका मतलब है कि वक़्त के साथ, चाहे रिश्ता कितना भी गहरा क्यों न रहा हो, वो दर्द और जुनून धीरे-धीरे शांत हो जाता है। यह एक तरह का सुकून भरा विदाई संदेश है।
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