Sukhan AI
न कहीं जहाँ में अमाँ मिली जो अमाँ मिली तो कहाँ मिली
मिरे जुर्म-ए-ख़ाना-ख़राब को तिरे अफ़्व-ए-बंदा-नवाज़ में

Where, in any place, did I find this place, if I found it, it was found in your favor-filled speech, for my sinful, flawed deeds.

अल्लामा इक़बाल
अर्थ

ऐसी कोई जगह नहीं जहाँ मुझे यह मिली हो, अगर मिली है, तो यह मेरे गुनाहगार और खराब कर्मों के लिए तुम्हारी दयालु बातें (फ़ज़ल) में ही मिली है।

विस्तार

यह शेर एक बहुत गहरी उलझन को बयां करता है। शायर कहते हैं कि जीवन में जो भी सुकून या शांति मिलती है, वह कहीं भी स्थायी नहीं होती। क्यों? क्योंकि महबूब की कृपा या फ़ज़ल में, वो सुकून भी एक पल में छिन जाता है। यह इश्क़ के दर्द को दिखाता है, जहाँ शांति भी एक भ्रम है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.