खोल के क्या बयाँ करूँ सिर्र-ए-मक़ाम-ए-मर्ग ओ इश्क़
इश्क़ है मर्ग-ए-बा-शरफ़ मर्ग हयात-ए-बे-शरफ़
“What shall I reveal, opening the secret place of death and love? Love is the death of the noble self and the death of dishonorable life.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
खोलकर क्या बताऊँ मृत्यु और प्रेम के रहस्यमय ठिकाने को? प्रेम, स्वाभिमानी आत्मा की मृत्यु है और अपमानजनक जीवन की मृत्यु है।
विस्तार
यह शेर मोहब्बत के गहरे और विरोधाभासी पहलू को समझाता है। शायर पूछ रहे हैं कि मैं प्रेम की 'मृत्यु और मक़ाम' का राज़ कैसे बयान करूँ? जवाब तो यह है कि इश्क़ ही एक ऐसा रास्ता है जो आपको शराफ़त से मरवा देता है। यह मरने से बेहतर है कि आप एक बे-शराफ़ ज़िंदगी जिएँ। यह प्रेम की सबसे बड़ी सच्चाई है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
