દીઠી સાંતાલની નારી રે આજ દીઠી સાંતાલની નારી.
પ્રિયજનની સેવાને કારણિયે સરજેલી
“Behold, a Santhal woman today, behold, a Santhal woman! Created for the service of her beloved.”
— ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ
आज मैंने एक संथाल नारी देखी है, जो अपने प्रियजन की सेवा के लिए बनाई गई है।
विस्तार
यह दोहा एक संथाल महिला को देखने और उसकी भक्ति पर आधारित है। यह कहता है कि वह अपने प्रियजन की सेवा और देखभाल के लिए ही बनी है। यह पंक्तियाँ गहरे प्रेम और समर्पण का सुंदर चित्रण करती हैं, जहाँ एक महिला अपने साथी की सेवा में अपना उद्देश्य पाती है। यह उसके निस्वार्थ स्वभाव और रिश्ते में उसकी अटूट निष्ठा के लिए एक प्यारी श्रद्धांजलि है। यह प्रेम और कर्तव्य के एक पारंपरिक पहलू को उजागर करता है।
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