“Yet in the dark, the greedy one awoke!Stumbling, he approaches. Alas!The last chillum he smoked.”
अंधेरे में भी, लालची व्यक्ति जागा और लड़खड़ाता हुआ चला आ रहा है। हाय रे, उसने अपनी आखिरी चिलम पी ली थी।
यह दोहा किसी व्यक्ति की गहरी लालसा, शायद किसी नशीले पदार्थ के प्रति, की मार्मिक तस्वीर पेश करता है। घने अँधेरे में भी, 'लोभी' व्यक्ति जाग जाता है, एक ऐसी तीव्र इच्छा से प्रेरित होकर कि वह लड़खड़ाता हुआ अपनी आखिरी चिलम पीने के लिए आता है। 'हाय रे' की अभिव्यक्ति इस व्यक्ति की दयनीय स्थिति पर दया या अफ़सोस जताती है, जो उसकी लत की प्रबल पकड़ को दर्शाती है। यह लत या एक भारी लालसा का एक जीवंत चित्रण है, जो किसी को भी परिस्थितियों, यहाँ तक कि अपनी गरिमा को भी नज़रअंदाज़ करने पर मजबूर कर देती है, बस अपनी ज़रूरत पूरी करने के लिए।
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
