“A hundred thousand petals in your eye, oh brother!A hundred thousand petals in your eye;”
ओ भाई, तुम्हारी आँख में लाखों पंखुड़ियाँ हैं। तुम्हारी आँख में लाखों पंखुड़ियाँ हैं।
यह प्यारा दोहा आँखों की सुंदरता का वर्णन करता है। इसमें किसी की आँखों को 'लाखों-लाख पत्तों' से तुलना की गई है। जरा कल्पना कीजिए उन अनगिनत पत्तों की ताज़गी, हरियाली और कोमलता। यह उपमा बताती है कि आँखें कितनी मनमोहक, जीवंत और प्रकृति की तरह हमेशा बदलती हुई तथा खूबसूरत हैं। यह किसी की आँखों के लिए गहरी प्रशंसा और विस्मय व्यक्त करने का एक सुंदर तरीका है, जैसे उनमें सुंदरता का एक पूरा संसार दिखाई देता हो। बार-बार दोहराना इस असीम प्रशंसा और आँखों के आकर्षक स्वभाव पर ज़ोर देता है, उनकी प्राकृतिक सुंदरता का गुणगान करता है।
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