મારા ગામ તણી સીમડી કળાય રે? -જેલનાં.
મહીસાગર તીર મારાં ખોરડાં, હો ભાઈ!
“Can my village's border be seen from this place? (I speak) from the jail.My humble abodes line Mahisagar's shore, O brother!”
— ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ
क्या मेरे गांव की सीमा यहां से दिखती है? (मैं जेल से कह रहा हूं।) मेरे घर माहीसागर के किनारे पर स्थित हैं, हे भाई!
विस्तार
यह दोहा घर की गहरी याद को बयां करता है। जेल की चारदीवारी से, वक्ता सोचता है कि क्या उसके प्यारे गाँव की सीमाएँ दिखती भी होंगी, जो वह महसूस कर रहा है उस दर्दनाक दूरी और अलगाव को दर्शाता है। एक दिल से निकली आह के साथ, वह फिर माहीसागर नदी के किनारे बसे अपने साधारण घरों की तस्वीर खींचता है। यह घर की याद, अपनी जड़ों से एक मजबूत जुड़ाव और अपनी जन्मभूमि के परिचित आराम में लौटने की गहरी लालसा की एक मार्मिक अभिव्यक्ति है।
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