ફરી મળ્યાની આશ-
સાંજલ તારા! રાજલ તારા!
“The hope of meeting again - Saanjal, the hope is yours! Raajal, the hope is yours!”
— ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ
फिर मिलने की आशा: सांझल, यह आशा तुम्हारी है! राजल, यह आशा तुम्हारी है!
विस्तार
यह दोहा फिर से मिलने की अटूट आशा को खूबसूरती से व्यक्त करता है। यह उस गहरी लालसा को दर्शाता है, जहाँ दोबारा मिलने की इच्छा समय के साथ बनी रहती है, शाम की शांत शांति से लेकर रात की गहरी खामोशी तक। यह एक कोमल अनुस्मारक है कि जैसे-जैसे दिन ढलता है और फिर अँधेरे में बदल जाता है, दिल फिर से साथ आने के वादे को थामे रहता है, उसी आशा में सांत्वना और शक्ति पाता है। यह हर पल में जुड़ाव की चाहत को दर्शाने वाला, निरंतर स्नेह और प्रत्याशा की एक गर्मजोशी भरी अभिव्यक्ति है।
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