કે તુજ ઊગ્યે ધણગાવડી
વળી જાતી વાછરું પાસ-
“That upon your rising, the mother cow would return to her calf.”
— ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ
कि तुम्हारे उगने पर, गाय अपने बछड़े के पास वापस आ जाती।
विस्तार
यह दोहा प्रकृति की लय और एक माँ के स्वाभाविक प्रेम को खूबसूरती से दर्शाता है। यह कहता है, 'जब तुम उगते हो, तो गायें अपने बछड़ों के पास लौट जाती हैं।' यह पंक्ति माँ और उसके बच्चे के बीच गहरे, सहज बंधन को उजागर करती है। कल्पना कीजिए कि गायें चर रही हैं, और जैसे ही सूरज उगता है, या शाम होती है, वे स्वाभाविक रूप से अपने इंतजार कर रहे बछड़ों के पास लौट आती हैं। यह पुनर्मिलन का एक मार्मिक दृश्य है, जो आराम, देखभाल और जीवन के प्राकृतिक चक्र का प्रतीक है। यह हमें घर और परिवार के सार्वभौमिक आकर्षण की याद दिलाता है, खासकर एक माँ के लिए।
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