સાંજલ તારા! ટમ ટમ તારા!
કે તુજ ઊગ્યે ફૂલડાં તજી
“Oh evening stars! Twinkle, twinkle stars!Or when you rise, do flowers then withdraw?”
— ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ
यह दोहा टिमटिमाते संध्या के तारों को संबोधित करता है और प्रश्न करता है कि क्या उनके उगने पर फूल अपनी सुंदरता खो देते हैं या मुरझा जाते हैं।
विस्तार
यह दोहा संध्या के तारों और टिमटिमाते तारों की सुंदरता का गुणगान करता है। यह कहता है कि जब ये तारे आसमान में उभरते हैं, तो उनकी चमक इतनी मोहक होती है कि फूलों की सुंदरता भी मानो फीकी पड़ जाती है या पीछे छूट जाती है। ऐसा लगता है जैसे रात के आकाश की जगमगाहट सारी नज़रें अपनी ओर खींच लेती है, और दिन के फूल कम महत्वपूर्ण लगने लगते हैं। यह दोहा गोधूलि वेला में खगोलीय नज़ारे के मनमोहक आकर्षण को खूबसूरती से उजागर करता है।
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