Sukhan AI
કે તુજ ઊગ્યે ઘર આવતા
મજૂરોના લથબથ ઘેર-

Or with your rising, when laborers arrive home,Drenched in their toil, to their dwelling-

ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ

तुम्हारे उदय होने पर मजदूर अपने घर लौटते हैं, अपने श्रम से पूरी तरह भीगे हुए।

विस्तार

यह दोहा मज़दूरों के घर लौटने के थके हुए दृश्य को खूबसूरती से दर्शाता है। यह उस पल की बात करता है जब, शायद शाम ढलते ही या चाँद उगने लगता है, तो ये श्रमिक, दिन भर की मेहनत से चूर, आखिरकार अपने ठिकानों की ओर मुड़ते हैं। लथबथ घेर वाक्यांश उनकी पूर्ण थकावट को स्पष्ट रूप से चित्रित करता है, यह बताता है कि वे इतने थके हुए हैं कि मुश्किल से सीधे खड़े हो पाते हैं, उनके कदम भारी और लड़खड़ाते हुए हैं। यह कड़ी मेहनत, दैनिक संघर्ष और लंबे दिन के बाद आराम की लालसा की एक मार्मिक तस्वीर है। यह दोहा उन लोगों के अथक जीवन के लिए सहानुभूति जगाता है जो निर्माण और सृजन करते हैं।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.