પિયુ-શું માંડે મદભર મીટ-
સાંજલ તારા! ઝલમલ તારા!
“With her beloved, she casts an intoxicated gaze—O evening star! O shimmering star!”
— ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ
अपने प्रिय के साथ, वह मदभरी दृष्टि डालती है—हे सांझ के तारे! हे जगमगाते तारे!
विस्तार
यह दोहा एक खूबसूरत और रोमांटिक शाम का चित्र खींचता है। कल्पना कीजिए जब आप अपने प्रिय के मदहोश कर देने वाले नयनों में देखते हैं, वह नज़र जो प्यार और अपनापन से भरी है। कवि इस मोहक दृष्टि की तुलना शाम के समय आसमान में जगमगाते तारों से करते हैं। मानो प्रिय की आँखें भी उन झिलमिलाते, आकर्षक तारों की तरह चमक रही हों। ये पंक्तियाँ उस खास, अंतरंग पल का गुणगान करती हैं जब प्यार हर चीज़ को उज्ज्वल और मनमोहक बना देता है, जैसे तारों से भरी रात का अद्भुत जादू।
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