કે તુજ ઊગ્યે વનિતા ઢળે
વાલમના ખોળામાંય-
“As you ascend, the woman leans, Into her beloved's lap.”
— ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ
जैसे ही तुम उगते हो, स्त्री अपने प्रिय के गोद में झुक जाती है।
विस्तार
यह दोहा एक खूबसूरत और अंतरंग दृश्य चित्रित करता है। यह बताता है कि जब कोई खास रोशनी उदय होती है, जैसे चाँद या सुबह, तो ऐसा रोमांटिक और कोमल माहौल बन जाता है कि स्त्रियाँ सहज रूप से अपने प्रिय के आँचल में झुक जाती हैं। यह प्रेमियों के बीच गहरे जुड़ाव, गर्माहट और सुरक्षित स्नेह के पल को दर्शाता है, ऐसे शांत वातावरण में पनपने वाली मधुर आत्मीयता को उजागर करता है। यह प्रेम और साथ का एक प्यारा चित्रण है।
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