હતા કંજૂસો કાળજૂના અમે,
ગયા વીફરી, રે ફના કાં ગમે!
“We were misers of old, lost our way,O why does annihilation appeal!”
— ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ
हम पुराने समय के कंजूस थे, जो अब भटक गए हैं। ओह, हमें विनाश क्यों प्रिय लगता है!
विस्तार
यह शेर उन लोगों की बात करता है जो पहले बहुत ही मितव्ययी या पुराने ख्यालों के कंजूस थे। लेकिन फिर, वे बहुत गुस्सा हो गए, शायद पूरी तरह से अपना आपा खो बैठे। क्रोध के उस क्षण में, वे खुद से पूछते हैं कि उन्हें विनाश या बर्बादी क्यों पसंद आने लगी है। यह ऐसा है जैसे वे कह रहे हों, "हम इतने कंजूस थे, लेकिन अब इतने गुस्से में हैं कि सब कुछ बिखरता हुआ अच्छा क्यों लग रहा है?" यह बताता है कि कैसे तीव्र गुस्सा सबसे सावधान लोगों को भी अराजकता अपनाने पर मजबूर कर सकता है।
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