પીઠથી ગાડીએ દીધ ઠેલો;
પાંસળાંમાં ખૂતી સોટી સાર્જન્ટની
“The cart gave a push from the back;The sergeant's stick pierced into the ribs.”
— ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ
गाड़ी ने पीछे से धक्का दिया; सार्जेंट की छड़ी पसलियों में घुस गई।
विस्तार
यह दोहा एक मजबूर व्यक्ति की कहानी कहता है जो भारी गाड़ी को धकेल रहा है। गाड़ी का वजन उसकी पीठ पर पड़ा है, और उसे पीछे से धकेल रही है, जिससे उसका काम और भी मुश्किल हो गया है। ऊपर से, एक सार्जेंट उसे अपनी छड़ी से पसलियों में मार-मार कर आगे बढ़ने पर मजबूर कर रहा है। यह छवि घोर शारीरिक परिश्रम और लगातार दबाव भरे जीवन को दर्शाती है, जहाँ व्यक्ति को बिना किसी राहत के कठोर अनुशासन सहना पड़ता है। यह बेबसी और दर्द की एक मार्मिक तस्वीर पेश करता है।
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