Sukhan AI
ઊઠ્યા કેવા ઓઘ એને મને
મળી મુક્તિ મંગલ જે દિને

What currents strong rose up within my mind,On that blessed day, when freedom I did find.

ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ

जिस शुभ दिन मुझे मुक्ति मिली, उस दिन मेरे मन में कैसे प्रबल प्रवाह उठ खड़े हुए।

विस्तार

यह दोहा उस गहरे आंतरिक अनुभव का वर्णन करता है जो मुक्ति प्राप्त होने पर होता है। यह बताता है कि जिस शुभ दिन पर सच्ची स्वतंत्रता या मोक्ष मिलता है, उसी दिन व्यक्ति के भीतर भावनाओं का एक तीव्र प्रवाह, एक बाढ़ सी उठ खड़ी होती है। यह एक परिवर्तनकारी क्षण का सुझाव देता है जहाँ हृदय अपार शांति, आनंद और मंगलमयता की भावना से अभिभूत हो जाता है। यह आत्मा की परम स्वतंत्रता के प्रति आनंदमय प्रतिक्रिया का सुंदर चित्रण है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.