“The dead awaken from the pyre - what ambrosia is in such words!Just ask any slave -”
मुर्दे श्मशान से जाग उठते हैं - ऐसे शब्दों में क्या अमृत भरा है! किसी गुलाम से पूछ कर देखो।
यह दोहा शब्दों की अद्भुत शक्ति को दर्शाता है। यह कहता है कि कुछ शब्दों में ऐसा अमृत भरा होता है कि वे श्मशान घाट से मुर्दों को भी जगा सकते हैं। इसका अर्थ है कि ये शब्द सबसे निराश या दबे-कुचले लोगों में भी जीवन, आशा और साहस भर सकते हैं। "किसी भी गुलाम से पूछकर देखो" यह बात और भी गहराई से समझाता है। गुलामी या बंधन में जीने वाला व्यक्ति ही 'स्वतंत्रता', 'न्याय' या 'आशा' जैसे शब्दों की मुक्तिदायी शक्ति को सचमुच समझ सकता है। उनके लिए ये केवल शब्द नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत का गहरा वादा हैं, जो असंभव को भी संभव बनाने की प्रेरणा दे सकते हैं।
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
