હવે બીજા શણગાર કરવા નથી રે,
શ્યામ! નહિ રે આવો તો પરવા નથી રે;
“No other adornments do I wish for now, oh, Shyam! If you do not come, I care not how.”
— ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ
अब मुझे कोई और श्रृंगार नहीं करना है। हे श्याम, यदि आप नहीं आते हैं, तो मुझे कोई परवाह नहीं।
विस्तार
यह दोहा एक गहरे और हार्दिक प्रेम को व्यक्त करता है। इसमें प्रेमिका कहती है कि अब उसे और कोई श्रृंगार करने की इच्छा नहीं है। यदि उसके प्रिय श्याम नहीं आते, तो उसकी सुंदरता और सारी तैयारी व्यर्थ है। यह प्रेम की एक मार्मिक अभिव्यक्ति है, जहाँ प्रेमी की उपस्थिति ही खुशी और जीवन का एकमात्र उद्देश्य है। श्याम के बिना, बाहरी दिखावा या सुंदरता अपना महत्व खो देती है। यह एक कोमल लेकिन दृढ़ संदेश है: 'यदि आप नहीं आते, श्याम, तो मुझे किसी और बात की परवाह नहीं है।'
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