નિર્બલને જીવવા ન દાવો, દિલદાર!
રિદ્ધિવંતોનાં ગીત ગાઓ, દિલદાર!
“Do not let the weak survive, O Beloved!Sing the songs of the prosperous, O Beloved!”
— ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ
हे प्रिय, निर्बलों को जीवित न रहने दो। इसके बजाय, समृद्ध लोगों के गीत गाओ।
विस्तार
यह दोहा समाज की एक कड़वी और शायद व्यंग्यात्मक सच्चाई को दर्शाता है। यह कहता है कि अक्सर कमजोर और असहाय लोगों को जीवन जीने का अवसर नहीं मिलता, जबकि धनी और शक्तिशाली व्यक्तियों की हमेशा प्रशंसा की जाती है। यह इस बात पर टिप्पणी करता है कि दुनिया कितनी अनुचित हो सकती है, जहाँ कम भाग्यशाली लोगों के संघर्षों को अनदेखा किया जाता है, और खासकर भौतिक सफलता को ही सर्वोपरि माना जाता है। यह हमें इन विषमताओं पर विचार करने और हमारे मूल्यों पर सवाल उठाने के लिए प्रेरित करता है।
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