મોર કરે આછાં
મીન કરે આછાં
“The peacock performs delicately, the fish performs delicately.”
— ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ
मोर नाजुकता से कार्य करता है, और मछली भी नाजुकता से कार्य करती है।
विस्तार
यह प्यारा दोहा हमें याद दिलाता है कि कैसे प्रकृति के विभिन्न जीव अपनी-अपनी सहज कृपा से खुद को व्यक्त करते हैं। मोर, जो अपने शानदार प्रदर्शन के लिए जाना जाता है, अपने नृत्य को एक हल्की और सूक्ष्मता से प्रस्तुत करता है, जो मन मोह लेती है। इसी तरह, मछली पानी में अनायास, नाजुक प्रवाह के साथ चलती है। यह दर्शाता है कि चाहे जमीन पर हो या पानी में, जीवन की अभिव्यक्तियाँ नरम, तरल और स्वाभाविक रूप से सुंदर हो सकती हैं, प्रत्येक अपने अनूठे तरीके से। यह प्रकृति के विविध रूपों में पाई जाने वाली आंतरिक, कोमल कलात्मकता का जश्न मनाता है।
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