“So fearfully I went towards paradise, As if a mistake was made in its accounts.”
मैं इतना डर-डर के जन्नत की ओर गया, मानो हिसाब में उससे कोई गलती हो गई हो।
यह शेर गहन विनम्रता को दर्शाता है। वक्ता स्वर्ग की ओर डरते-डरते बढ़ रहे हैं, मानो उन्हें विश्वास ही न हो कि वे वहाँ पहुँच सकते हैं। यह हिचकिचाहट स्वर्ग के डर के कारण नहीं, बल्कि अपने आप को उसके अयोग्य मानने के कारण है। ऐसा लगता है जैसे उन्हें लगता है कि उनके कर्मों का हिसाब-किताब करने में कोई गलती हो गई होगी, और इसी वजह से वे स्वर्ग में हैं। यह एक विनम्र हृदय की अभिव्यक्ति है जो इतनी बड़ी प्राप्ति को स्वीकार करने में झिझकता है, यह दर्शाता है कि व्यक्ति स्वयं को इतना बड़ा सौभाग्य प्राप्त करने का अधिकारी नहीं मानता।
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