दिल मत लगा रुख़-ए-अरक़-आलूद यार से
आईने को उठा कि ज़मीं नम बहुत है याँ
“Do not fall in love with the face of the intoxicated beloved, For the mirror has been raised, and the ground is too wet here.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
महबूब के पसीने से भरे चेहरे से दिल मत लगाओ। आईने को उठा लो क्योंकि यहाँ की ज़मीन बहुत नम है।
विस्तार
यह शेर सिर्फ मोहब्बत की बात नहीं करता, बल्कि एक गहरी चेतावनी है। मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि महबूब की तरफ़ झुका दिल मत लगाना, क्योंकि वो मदहोश करने वाला है। लेकिन दूसरी लाइन में एक अद्भुत तसव्वुर है— आईना उठाना और ज़मीन का नम होना। यह नम ज़मीन हमें बताती है कि ये नशा और ये इश्क़... ये दोनों ही थोड़े अस्थिर हैं, थोड़े नाज़ुक हैं। शायर हमें वास्तविकता देखने को कह रहे हैं।
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