आगे बिछा के नता को लाते थे तेग़ ओ तश्त
करते थे यानी ख़ून तो इक इम्तियाज़ से
“Laying out the mat, they would bring the sword and the axe, They would spill the blood with a unique distinction.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
आगे बिछाकर नता को लाते थे, तेग़ और तश्त से। वे ऐसा करते थे मानो ख़ून तो एक इम्तियाज़ से किया जा रहा हो।
विस्तार
यह शेर बलिदान और सम्मान के गहरे पहलू को छूता है। मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि भले ही आप युद्ध के लिए पूरी तैयारी कर लें, तलवारें और भाले बिछा दें, लेकिन असली बात यह है कि आपके लहू या आपके सम्मान को किस 'इम्तियाज़' से देखा जाता है। यह सिर्फ शौर्य की बात नहीं है, बल्कि आपकी कीमत और आपके बलिदान के सम्मान की बात है।
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