सुख़न की न तकलीफ़ हम से करो
लहू टपके है अब शिकायत के बाद
“Do not give us the pain of words, For now blood has dripped after the complaints.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
शायर से कहते हैं कि अब शब्दों का दर्द मत दो, क्योंकि शिकायत करने के बाद अब लहू टपक रहा है।
विस्तार
यह शेर सिर्फ शब्दों की बात नहीं करता, बल्कि दिल की उस हालत को बयां करता है जब दर्द अपनी चरम सीमा पर पहुँच जाता है। शायर कहते हैं कि जब लहू टपकने लगे.... यानी जब तकलीफ इतनी गहरी हो जाए, तो शिकायत करने की कोई जगह नहीं बचती। Mir Taqi Mir हमें समझा रहे हैं कि अब हमें शब्दों से परेशान न करें, क्योंकि दर्द ने सब कुछ निगल लिया है।
