“If your skirt was wide, why did you yearn for the glass? / Oh cloud, pour down the strength of God's mercy upon you.”
दामन वसीअ' था तो काहे को चश्म तरसा। रहमत ख़ुदा की तुझ को ऐ अब्र ज़ोर बरसा। अर्थ: अगर तेरा दामन (किनारा/पल्लू) ही विशाल था, तो तू चश्म (पानी का बर्तन) के लिए क्यों तरसे। ऐ बादल, तुझ पर ख़ुदा की रहमत ज़ोर से बरसा। भाव: यह उपमा करता है कि अगर तेरे पास पर्याप्त संसाधन (दामन वसीअ') हैं, तो बाहरी सहारे (चश्म) के लिए तरसने की क्या ज़रूरत है। अतः, ऐ बादल, तुझ पर ख़ुदा की कृपा ज़ोर से बरसे।
यह शेर एक गहरे सवाल को उठाता है। शायर पूछ रहे हैं कि अगर वसीअ दामन (खुला आशियाना) था, तो फिर आपने मेरे मन में तड़प क्यों पैदा की? यह महज़ प्यार की बात नहीं है, यह तो उस एहसास की बात है जब हमें लगता है कि हमें सब कुछ मिल सकता है, पर फिर भी कमी महसूस होती है। यह निराशा और सवाल का मिश्रण है।
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